बड़ी खबर: इस राज्य में 16 मार्च से एमएसपी पर शुरू होगी गेहूं की खरीद
बड़ी खबर: इस राज्य में 16 मार्च से एमएसपी पर शुरू होगी गेहूं की खरीद
प्रकाशित - 06 Mar 2026 by Vivek Tailang
मुख्यमंत्री ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
राज्य में रबी सीजन के दौरान किसानों से गेहूं खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर होने वाली गेहूं खरीदी के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि उपार्जन केंद्रों पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध तरीके से संचालित हो सके।
सीएम ने दिए अधिकारियों को निर्देश
एमएसपी पर सरकारी खरीद को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 मार्च को मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद जिला कलेक्टरों के साथ वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजीकृत किसानों के सत्यापन, उपार्जन केंद्रों पर पर्याप्त बारदानों की उपलब्धता, तौल व्यवस्था और समय पर भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
प्रदेश में कब से शुरू होगी गेहूं की खरीद
राज्य सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया अलग-अलग संभागों में चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं खरीदी 16 मार्च से शुरू होकर 5 मई तक चलेगी। वहीं जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चंबल और सागर संभाग में गेहूं खरीदी 23 मार्च से शुरू होकर 12 मई तक की जाएगी। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे गेहूं उपार्जन के लिए 7 मार्च तक अपना पंजीयन अवश्य करा लें। पंजीयन कराने से किसानों को खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे निर्धारित उपार्जन केंद्रों पर आसानी से अपनी उपज बेच सकेंगे।
उपार्जन केंद्रों पर सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी उपार्जन केंद्रों का समय-सीमा में निर्धारण और स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रों पर किसानों के लिए तौल व्यवस्था, बारदानों की उपलब्धता, परिवहन व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उपार्जन कार्य में लगे कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या उत्पन्न न हो। साथ ही जिला उपार्जन समितियों को नियमित बैठक करने औ
किसानों को समय पर मिले जानकारी और भुगतान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसानों को खरीदी से संबंधित अद्यतन जानकारी सरल और स्पष्ट तरीके से उपलब्ध कराई जाए। किसानों को एसएमएस, सूचना केंद्रों और अन्य माध्यमों से जानकारी दी जाए ताकि उन्हें खरीदी की तारीख, केंद्र और प्रक्रिया के बारे में समय पर पता चल सके। इसके साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि गेहूं बेचने वाले किसानों को भुगतान समय पर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया जाए।
गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को पूरी तरह किसान हितैषी हो
मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया को पूरी तरह किसान हितैषी बनाया जाए और किसानों को पारदर्शी व सुविधाजनक व्यवस्था मिल सके। राज्य सरकार का मानना है कि यदि उपार्जन केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए, तो किसानों का भरोसा बढ़ेगा और उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य भी मिल सकेगा। इसी उद्देश्य से सरकार गेहूं खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दे रही है।
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जानें, इस सप्ताह कृषि क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण अपडेट
देश के विभिन्न राज्यों में किसानों से जुड़ी योजनाएं, तकनीक और कृषि नीतियों को लेकर लगातार नई घोषणाएं हो रही हैं। 1 मार्च से 7 मार्च 2026 के बीच भी किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले और योजनाएं सामने आई हैं। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों से जुड़ी ये खबरें खेती और किसानों की आय पर सीधा असर डाल सकती हैं। आइए जानते हैं इस सप्ताह की किसानों से जुड़ी टॉप 5 बड़ी खबरें।
1. मध्यप्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं को मिली मंजूरी
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। हाल ही में एक बड़ी सिंचाई परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिससे हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी मिल सकेगा। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के जरिए किसानों की सिंचाई पर निर्भरता कम होगी और खेती का रकबा भी बढ़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार सिंचाई सुविधाएं बेहतर होने से किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
2. महाराष्ट्र में किसानों के लिए कर्ज माफी योजना
महाराष्ट्र सरकार ने बजट 2026-27 में किसानों को राहत देते हुए 2 लाख रुपए तक के फसली कर्ज माफ करने की घोषणा की है। यह राहत ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना’ के तहत दी जाएगी। इसके साथ ही नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देने का भी फैसला लिया गया है। इस योजना से राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
3. गुजरात में ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा
गुजरात सरकार किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। राज्य में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दी जा रही है। इससे किसानों को पानी की बचत करने और कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सूखे और कम बारिश वाले क्षेत्रों में यह तकनीक किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
4. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और समर्थन मूल्य पर जोर
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों से धान खरीदी को लेकर अपनी नीति को मजबूत करने की बात कही है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इसके लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इससे राज्य के लाखों धान उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
5. राजस्थान में सोलर पंप और कृषि तकनीक को बढ़ावा
राजस्थान में किसानों को सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार सोलर पंप और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी देकर किसानों को ऊर्जा की बचत और लागत कम करने के लिए प्रेरित कर रही है। इसके साथ ही आधुनिक कृषि मशीनों और तकनीकों के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर इस सप्ताह देश के विभिन्न राज्यों से किसानों के लिए कई सकारात्मक खबरें सामने आई हैं। सिंचाई परियोजनाएं, कर्ज माफी, आधुनिक तकनीक और समर्थन मूल्य से जुड़ी नीतियां किसानों के लिए राहत और अवसर दोनों लेकर आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाओं और फैसलों से आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में सहायता मिलेगी।
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